उत्तर प्रदेश में संस्कृत छात्रवृत्ति योजना का शुभारंभ, 69,195 विद्यार्थियों को मिले ₹586 लाख
- By UP Samachaar Plus --
- Sunday 27 Oct, 2024
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मुख्य संपादक - ओंकार नाथ वर्मा
UP Samachar Plus
महराजगंज, 27 अक्टूबर। कलेक्ट्रेट सभागार में आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उत्तर प्रदेश के संस्कृत विद्यालयों, महाविद्यालयों और सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के विद्यार्थियों के लिए संस्कृत छात्रवृत्ति योजना का शुभारंभ किया गया। इस योजना के तहत प्रदेश के 69,195 विद्यार्थियों को कुल ₹586 लाख की छात्रवृत्ति वितरित की गई। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण कलेक्ट्रेट सभागार में दिखाया गया।
इस अवसर पर सदर विधायक जयमंगल कन्नौजिया ने कहा, "संस्कृत सनातन का आधार स्तंभ है, जिससे पूरी दुनिया ने बहुत कुछ सीखा है। मुख्यमंत्री जी ने इस योजना के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया है कि उत्तर प्रदेश सरकार इस भाषा को और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।" पहले जहां मात्र 300 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जाती थी, वहीं अब 69,195 विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा। सरकार के इस प्रयास से छात्रों में संस्कृत के प्रति रुचि बढ़ेगी और यह भाषा अधिक सशक्त होगी।
मुख्य विकास अधिकारी अनुराज जैन ने बताया कि प्रोजेक्ट अलंकार के तहत संस्कृत विद्यालयों का कायाकल्प हो रहा है, जिससे इन संस्थानों को बुनियादी लाभ मिलेगा। इसके अलावा, छात्रवृत्ति योजना से संस्कृत के विद्यार्थियों का उत्साह भी बढ़ेगा। उन्होंने जिले के 1138 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति मिलने पर बधाई दी।
कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना और गणेश वंदना से हुई। विधायक सदर जयमंगल कन्नौजिया और विधायक पनियरा ज्ञानेंद्र सिंह का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया। धन्यवाद ज्ञापन जिला विद्यालय निरीक्षक प्रदीप शर्मा ने किया।
जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत कक्षा 6 और 7 के छात्रों को ₹600, कक्षा 8 के छात्रों को ₹900, कक्षा 9 और 10 के छात्रों को ₹1200, और कक्षा 12 के छात्रों को ₹1800 वार्षिक छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। शास्त्री और आचार्य के छात्रों को क्रमशः ₹2400 और ₹3000 वार्षिक छात्रवृत्ति मिलेगी। पहले चरण में जिले के 1138 विद्यार्थियों को ₹809550 की राशि छात्रवृत्ति के रूप में दी जाएगी।
इस कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

