स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर जिलाधिकारी हुए सख्त, कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के दिए आदेश ! जानिए सब कुछ
- By UP Samachaar Plus --
- Sunday 27 Oct, 2024
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मुख्य संपादक - ओंकार नाथ वर्मा
UP Samachar Plus
महराजगंज, 27 अक्टूबर 2024: जिलाधिकारी अनुनय झा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जिसमें जिले में चल रही विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। बैठक में जननी सुरक्षा योजना, आयुष्मान योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, संस्थागत प्रसव, आयुष्मान भारत सहित कई योजनाओं पर बिंदुवार चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर क्रियान्वयन हेतु अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए। एसीएमओ डॉ. प्रदीप कुमार के बिना पूर्व सूचना अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए। साथ ही, जिला अस्पताल की डॉ. सुप्रिया पांडेय के सी-सेक्शन प्रदर्शन में कमी को देखते हुए उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश भी दिए गए।
बैठक में संस्थागत प्रसव की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जिन 7 एएनएम का हाल ही में स्थानांतरण हुआ है, वे तुरंत अपनी नवीन तैनाती स्थल पर उपस्थिति दर्ज कराएँ, अन्यथा उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने रात्रि ड्यूटी में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतने का निर्देश देते हुए डॉ. एम.पी. कुशवाहा को मुख्यालय में रात्रि निवास अनिवार्य रूप से करने का आदेश दिया।
कुष्ठ रोग और गैर संचारी रोगों की स्थिति पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने जिला कुष्ठ अधिकारी को इन रोगों के उन्मूलन के लिए किए गए व्यय का विवरण प्रस्तुत करने के लिए कहा। एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र) की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सभी ब्लॉकों से आरबीएसके (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) और आशाओं द्वारा भर्ती बच्चों का स्वास्थ्य विवरण प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने एंबुलेंस सेवा का ऑडिट कर रिपोर्ट देने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी ने प्रति ब्लॉक 2500 आयुष्मान कार्ड हर महीने तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया। अधूरे स्वास्थ्य उपकेंद्र निर्माण की स्थिति पर चर्चा करते हुए उन्होंने संबंधित प्रभारी चिकित्साधीक्षकों को आख्या और फोटो सहित 29 अक्टूबर को नोडल अधिकारी के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए। उन्होंने टेली कंसलटेंसी, आभा आईडी निर्माण और एनसीडी स्क्रीनिंग (गैर संचारी रोगों की जांच) बढ़ाने पर भी जोर दिया।
स्वच्छता को लेकर डीपीआरओ को निर्देशित किया गया कि संचारी रोगों के उन्मूलन हेतु सभी मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने पर बल दिया।
मुख्य विकास अधिकारी ने जिलाधिकारी के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने की बात कही और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने पर जोर दिया। उन्होंने हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के निर्माण कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया और कहा कि स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में सीएमओ डॉ. श्रीकांत शुक्ला, सीएमएस डॉ. ए.के. भार्गव, एसीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डीपीआरओ श्रेया मिश्रा और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

