मिठौरा विकास खंड के मदनपूरा में मनरेगा भ्रष्टाचार उजागर फर्जी हाजिरी लगाकर हो रहा सरकारी धन की लूट
- By UP Samachaar Plus --
- Wednesday 04 Dec, 2024
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मुख्य संपादक - ओंकार नाथ वर्मा
UP Samachar Plus
महराजगंज, 04 दिसंबर। जिले के मिठौरा विकास खंड के ग्राम मदनपुरा में मनरेगा योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। रोजगार सेवक, ग्राम प्रधान, सचिव और ब्लॉक कर्मचारियों की मिलीभगत से केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना में लूट मचाई जा रही है।
ग्राम सभा मदनपुरा में बीते कई दिनों से मनरेगा के तहत मिट्टी कार्य चल रहा है। रिकॉर्ड के अनुसार, प्रतिदिन 100 से अधिक मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी दर्ज हो रही है। लेकिन वास्तविकता इससे कोसों दूर है।
जानकरी के अनुसार वर्क कोड संख्या 3152004019/LD/958486255824752450 के मस्ट्रोल संख्या 16735, 16736, 16737, 16738 में 33 मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी भरी गयी है जबकि वर्क कोड संख्या 3152004019/LD/958486255824752445 के मस्ट्रोल संख्या 17384, 17385, 17386, 17387, 17388, 17389, 17390 में 70 मजदूरों की हाजिरी लगाई गई है।
जब हमारे संवाददाता ने कार्य स्थल का निरीक्षण किया, तो वहां करीब 15 मजदूर ही काम करते पाए गए। सवाल यह उठता है कि जब इतनी कम संख्या में मजदूर कार्यरत हैं, तो शेष मजदूरों के नाम पर भुगतान किसके संरक्षण में हो रहा है? क्या यह ब्लॉक कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना संभव है?
एपीओ ने क्या कहा ?
इस मामले में एपीओ अंकित श्रीवास्तव से बातचीत की गई। उन्होंने कहा, "हमें इस अनियमितता की कोई जानकारी नहीं थी। मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।"
योजना पर सवालिया निशान
यह मामला केवल ग्राम सभा मदनपुरा का नहीं है। मनरेगा जैसी योजनाओं में इस तरह की भ्रष्टाचार की घटनाएं सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। सरकारी धन की इस हेराफेरी पर कब तक कार्रवाई होगी, यह देखना होगा।
गांव के कई लोगों ने इस मुद्दे को उजागर करने की बात कही है। उनका कहना है कि इस प्रकार की धोखाधड़ी से जरूरतमंद मजदूरों को रोजगार का लाभ नहीं मिल पा रहा है। स्थानीय लोग दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

