अनियमितताओं से घिरे सचिव आशुतोष जायसवाल, भ्रष्ट प्रधानों के रक्षक कहे या विकास कार्यों के विनाशक !
- By UP Samachaar Plus --
- Thursday 25 Sep, 2025
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महराजगंज। जनपद में इन दिनों एक सचिव चर्चाओं में है, नाम है आशुतोष जायसवाल. साहब बड़े जुगाड़ू और भ्रष्ट हैं।
सचिवों में भ्रष्ट सचिव आशुतोष जायसवाल साहब बड़े नेक है, इनके राज - काज में प्रधानों को लूटो खाओ की खुली छूट है. साहब विकास कार्यों के दौरान साईटो पर जाते तक नही और इनका कमीशन भी इनके टेबल के नीचे से समय पर मिल जाता है, यही नही अगर कभी साहब को लगे कि कमीशन कम बना है तो साहब स्वयं दोनों हाथों से लूट खसोट करने में जुट जाते है.
जिसका प्रमाण वर्ष 2023 में इनके द्वारा उक्त ब्लॉक के कई ग्रामसभाओं में नियम विरुद्ध तरीके से लाखो रुपये का आहरण करने का आरोप लगाकर इन्हें निलंबित तक कर दिया गया था.
इनके एक बेहद क़रीबी साथी ने नाम न उजागर कर की शर्त ( जिसे सूत्र कहते है) उन्होंने बताया कि सचिव साहब मिर्जापुर का रंगदार बनते है, इनके मुह में बड़ी सुंदर - सुंदर गाली भरा रहता है, साहब बात चीत में ही स्वयं द्वारा छापी गई शुद्ध हिंदी के गाली के किताब से छांटकर अपने प्यारे जुबान पर लाते है और अपने वक्तव्यों में पेश करते है, इसके साथ ही सूत्र आगे बताते है नेक साहब बड़े स्वार्थी है, साहब का व्यवहार अपने स्वार्थ अनुसार ही लोगो से प्रगाढ़ बनता है.
एक कहावत की चंद लाइने "काम पड़े तो भइया, वरना कौन हो भइया" सचिव आशुतोष जायसवाल पर बिल्कुल सटीक बैठती है.
और इसके साथ ही साहब जहाँ रहते है वहा इनके कार्यकाल में शिकायतों का दौर अनवरत जारी रहता है.
इनके कार्यकाल में विकास की सड़कें नालियां, टूटकर भ्रष्टाचार की गवाही देती है और साहब अपने भ्रष्टाचार की लिकीज पर "Cello टेप" लगाते है लेकिन साहब के द्वारा किया गया भ्रष्टाचार बार - बार लीक होकर इनके कमीशन और भ्रष्टाचार की पोल खोल ही देता है.
अभी हाल ही में साहब के रोस्टर के गाँव मुंडेरा कलां में एक सड़क बनी और दो बार टूट गई, साहब ने पहली बार मरम्मत कराया लेकिन इनका भ्रष्टाचार इतना प्रगाढ़ था कि फिर टूट कर इनका भ्रष्टाचार इनके चेहरे पर कालिख़ पोत गया.

