मनरेगा में बड़ा घोटाला: कार्य पूरा होने के बाद भी मजदूरों की लगाई जा रही फर्जी हाजिरी
- By UP Samachaar Plus --
- Wednesday 25 Dec, 2024
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मुख्य संपादक - ओंकार नाथ वर्मा
UP Samachar Plus
महाराजगंज, 25 दिसंबर। सदर विकास खंड के ग्राम सिसवा अमहवा में मनरेगा योजना में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार का मामला उजागर हुआ है। वर्क कोड संख्या 3152007059/LD/958486255824782386 के तहत चंद्रभान के खेत से मैना के खेत तक चल रहे कार्य में ग्राम प्रधान और ब्लॉक कर्मचारियों की मिलीभगत से लाखों रुपये के गबन का आरोप है।
जानकारी के अनुसार, मस्ट्रोल संख्या 9636, 9637, 9638, 9639 और 9640 के तहत यह कार्य करीब पांच दिन पहले ही पूरा हो चुका है। इसके बावजूद प्रतिदिन 45 से 50 मजदूरों की फर्जी ऑनलाइन हाजिरी लगाई जा रही है।
सत्यापन में हुआ खुलासा
संवाददाता द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन में खेत में कार्य कर रहे लोगों ने खुलासा किया कि कार्य पूरा होने के बाद भी उनकी हाजिरी ऑनलाइन दर्ज की जा रही है। मजदूरों ने बताया कि कार्य के दौरान करीब 15 मजदूर ही काम कर रहे थे। चंद्रभान के खेत से मैना के खेत तक कार्य चल रहा था अब कार्य पूरा हो चुका है और में कोई गतिविधि नहीं हो रही है।
ब्लॉक कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध
ग्रामीणों का आरोप है कि रोजगार सेवक और ग्राम प्रधान ब्लॉक कर्मचारियों की मिलीभगत से मनरेगा योजना के धन का दुरुपयोग कर रहे हैं। रोजगार सेवक से जब इस संबंध में बात करने की कोशिश की गई, तो उसने फोन नहीं उठाया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के फर्जीवाड़े में ब्लॉक स्तर के अधिकारियों की भूमिका को नज़रअंदाज नहीं किया जा सकता।
सरकारी धन का दुरुपयोग
मनरेगा योजना के तहत गरीब मजदूरों को रोजगार देने के लिए सरकार हर साल करोड़ों रुपये खर्च करती है। लेकिन भ्रष्टाचारियों ने इस योजना को अपनी जेब भरने का जरिया बना लिया है। फर्जी हाजिरी और कागजों में मजदूरों की संख्या बढ़ाकर सरकारी धन को ठिकाने लगाया जा रहा है।
अब सवाल यह उठता है कि खंड विकास अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी इस मामले पर क्या कार्रवाई करेंगे। ग्रामीणों ने इस घोटाले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

