18 साल से सेवा में जुटे ग्राम रोजगार सेवक बोले—हक दो नहीं तो आंदोलन के लिए होंगे मजबूर, प्रभारी मंत्री को सौंपा ज्ञापन

महराजगंज। लगभग 18 वर्षों से सेवा दे रहे ग्राम रोजगार सेवकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर शासन का ध्यान आकृष्ट किया है। उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक संघ के बैनर तले जिला अध्यक्ष ब्रह्मानंद के नेतृत्व में ग्राम रोजगार सेवकों ने राज्य सरकार के प्रभारी मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालू’ को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इसमें सेवा शर्तों में स्थायित्व, नियमितीकरण, समय से मानदेय भुगतान और सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।

ज्ञापन में कहा गया कि ग्राम रोजगार सेवक पिछले लगभग 18 वर्षों से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) सहित सरकार की विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं के क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभा रहे हैं। गांव-गांव में मजदूरों का पंजीकरण, कार्य आवंटन, भुगतान प्रक्रिया, मास्टर रोल तैयार करना और ऑनलाइन रिपोर्टिंग जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां इन्हीं के जिम्मे हैं। इसके बावजूद आज भी उनकी स्थिति अस्थायी कर्मचारियों जैसी बनी हुई है।

संघ ने आरोप लगाया कि जिले के कई ब्लॉकों में छह माह या उससे अधिक समय से मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है, जिससे ग्राम रोजगार सेवकों और उनके परिवारों के समक्ष गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। मांग की गई कि बकाया मानदेय का शीघ्र भुगतान कराया जाए तथा भविष्य में समयबद्ध भुगतान की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

संघ ने यह भी कहा कि वर्तमान में “VB G RAM G” योजना के अंतर्गत ग्राम रोजगार सेवकों से अतिरिक्त कार्य कराया जा रहा है, लेकिन उसके अनुरूप मानदेय नहीं दिया जा रहा। अतिरिक्त कार्यभार के लिए कम से कम 35 हजार रुपये मासिक मानदेय निर्धारित करने और इसके लिए अलग से बजट प्रावधान की मांग की गई है।

एक अन्य प्रमुख मांग में 18 वर्ष या उससे अधिक सेवा दे चुके ग्राम रोजगार सेवकों को नियमित या सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की अपील की गई है। संघ ने माननीय उच्च न्यायालय के 14 अगस्त 2025 के आदेश का हवाला देते हुए मृतक ग्राम रोजगार सेवकों के आश्रितों को उसी पद पर समायोजित किए जाने की मांग भी दोहराई। साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा 4 अक्टूबर 2021 को की गई घोषणाओं, जैसे एचआर पॉलिसी लागू करने और सेवा शर्तों में सुधार, को अब तक लागू न किए जाने पर नाराजगी जताई गई।

डिजिटल मास्टर रोल और डिजिटल उपस्थिति के लिए प्रत्येक ग्राम रोजगार सेवक को उच्च गुणवत्ता का मोबाइल या टैबलेट उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो ग्राम रोजगार सेवक लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

इस मौके पर धर्मेंद्र पासवान, राजेश वर्मा, राजेश तिवारी, मनोज कुमार गौतम, सुशील कुमार, गंगोत्री देवी, अमरनाथ, रीता गुप्ता, चिन्नू प्रसाद, इन्द्रविजय, रमेश, जितेन्द्र, अयोध्या, ओमप्रकाश आर्य, रमेश सिंह, अरविन्द, असगर अली, संगीता, प्रमोद राय, राकेश, रैना, जितेन्द्र कुमार, प्रेमलाल, प्रियंका पटेल, इन्द्रमणि विश्वकर्मा, अम्बिका प्रसाद, संतोष गुप्ता, सर्वेश सहित बड़ी संख्या में ग्राम रोजगार सेवक मौजूद रहे।


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