निर्माणाधीन पोखरे में डूबे तीन बच्चों की मौत, ठेकेदार पर होगी एफआईआर डीएम ने जांच टीम गठित की, मृतकों के स्वजन को चार-चार लाख रुपये सहायता की घोषणा
- By UP Samachaar Plus --
- Sunday 02 Aug, 2026
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महराजगंज। कोठीभार थाना क्षेत्र के वार्ड संख्या-25 स्थित मीराबाई नगर के पोखरा टोला में निर्माणाधीन पोखरे में डूबने से तीन बच्चों की मौत के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल के निर्देश पर निर्माण कार्य कराने वाली संस्था दीपक कंस्ट्रक्शन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच के लिए टीम गठित की गई है।
रविवार को पोखरा टोला निवासी राजबीर (13), नीतीश यादव (14), रोहन (13) और कृष्णा रौनियार (15) निर्माणाधीन पोखरे में नहाने गए थे। इसी दौरान नीतीश, रोहन और कृष्णा गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। राजबीर किसी तरह बाहर निकलकर घर पहुंचा और परिजनों को घटना की जानकारी दी।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों और गोताखोरों की मदद से तीनों बच्चों को बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिसवा ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी।
घटना की सूचना मिलने पर जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल और पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने हादसे में सुरक्षित बचे राजबीर से मुलाकात कर उसका हालचाल जाना तथा अस्पताल प्रशासन को उसकी काउंसलिंग कराने के निर्देश दिए। साथ ही मृतक बच्चों का पोस्टमार्टम शीघ्र कराकर पार्थिव शरीर सम्मानपूर्वक उनके घर पहुंचाने के निर्देश भी दिए।
इसके बाद दोनों अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण में निर्माणाधीन पोखरे पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आने पर जिलाधिकारी ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कार्यदायी संस्था दीपक कंस्ट्रक्शन के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जनसुरक्षा से जुड़ी लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
जिलाधिकारी ने जिले में चल रहे सभी निर्माण कार्यों की जांच कर सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही मृतक बच्चों के स्वजन से मिलकर उन्हें सांत्वना दी और प्रत्येक परिवार को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। उपजिलाधिकारी निचलौल को पीड़ित परिवारों को हरसंभव प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला प्रशासन ने लोगों से वर्षा ऋतु में बच्चों को निर्माणाधीन पोखरों, गहरे जलाशयों और अन्य जल स्रोतों के पास बिना निगरानी के न जाने देने की अपील की है। जिलाधिकारी ने दिवंगत बच्चों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता दी जाएगी तथा घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।


