83 बोरी गेहूं की तौल के बाद भुगतान नहीं मिलने का आरोप, किसान ने दी भूख हड़ताल की चेतावनी
- By UP Samachaar Plus --
- Friday 25 Sep, 2026
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महराजगंज। साधन सहकारी समिति बेलभरिया के सचिव पर गेहूं खरीद में अनियमितता और भुगतान में हेराफेरी का आरोप लगाते हुए एक किसान ने जिलाधिकारी से शिकायत की है। सिंदुरिया थाना क्षेत्र के ग्राम जगन्नाथपुर उर्फ जौरहर निवासी किसान श्रीपति पटेल ने शिकायती पत्र देकर मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, बकाया भुगतान दिलाने तथा दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
किसान के अनुसार, आठ मई 2022 को उन्होंने साधन सहकारी समिति बेलभरिया पर 83 बोरी गेहूं की तौल कराई थी। उस समय समिति के सचिव रजनीकांत मिश्रा और चौकीदार रामानंद चौधरी के मौजूद होने का दावा किया गया है। किसान का आरोप है कि तौल के बाद सर्वर और मशीन में तकनीकी खराबी का हवाला देकर उनका बायोमैट्रिक सत्यापन नहीं कराया गया और न ही आधिकारिक खरीद रसीद दी गई। सचिव ने सरकारी भुगतान आने पर धनराशि खाते में भेजने का आश्वासन दिया था।
काफी समय तक भुगतान नहीं मिलने पर किसान ने सचिव से संपर्क किया। शिकायत के अनुसार, 23 जून 2022 को सचिव ने किसान के घर पहुंचकर 20 हजार रुपये नकद दिए और शेष राशि बाद में देने की बात कही। किसान का कहना है कि बेटी के बीमार होने पर जब उन्होंने बकाया राशि की मांग की तो उन्हें दो हजार रुपये और दिए गए। किसान ने दावा किया है कि सचिव द्वारा भुगतान के संबंध में स्वीकारोक्ति वाले वीडियो और ऑडियो साक्ष्य भी उसके पास मौजूद हैं।
शिकायती पत्र में किसान ने अन्य किसानों के साथ भी इसी तरह की अनियमितता किए जाने का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचने के बाद कुछ किसानों को स्टांप पेपर पर शपथ पत्र लेकर भुगतान किया गया, लेकिन उसे अब तक पूरा भुगतान नहीं मिला।
किसान ने सिंदुरिया थाने में जनसुनवाई के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने का भी उल्लेख किया है। शिकायत के अनुसार, 12 जनवरी 2026 को जनसुनवाई रसीद संख्या 20 दर्ज होने के बावजूद मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
सात कार्यदिवस का अल्टीमेटम
किसान ने जिलाधिकारी से समिति के वर्ष 2022-23 के भौतिक स्टॉक रजिस्टर, उठान चालान तथा आवक-जावक अभिलेखों की विशेष जांच या प्रशासनिक ऑडिट कराने की मांग की है। साथ ही 83 बोरी गेहूं के बकाया भुगतान और मामले में दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
किसान ने चेतावनी दी है कि यदि सात कार्यदिवस के भीतर मामले की निष्पक्ष जांच कराकर बकाया भुगतान नहीं कराया गया तो वह कलेक्ट्रेट स्थित धरना स्थल पर शांतिपूर्ण भूख हड़ताल शुरू करने के लिए विवश होंगे।
हालांकि, सचिव रजनीकांत मिश्रा की ओर से लगाए गए आरोपों पर इस संबंध में उनका पक्ष सामने नहीं आया है। प्रशासनिक जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।

