14 बार शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई, अधिकारियों के दफ्तर में दम तोड़ रही शिकायतें
- By UP Samachaar Plus --
- Tuesday 29 Sep, 2026
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आंगनबाड़ी केंद्रों के राशन वितरण में गड़बड़ी का आरोप, डीएम से फिर लगाई गुहार
मिठौरा/महराजगंज। मुजुहना बुजुर्ग ग्राम पंचायत के आंगनबाड़ी केंद्रों पर वर्ष 2021 से 2025 तक कोटेदार द्वारा राशन वितरण नहीं किए जाने के आरोप का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। शिकायतकर्ता विंद्रेश यादव का कहना है कि वह इस मामले में करीब 14 बार शिकायती पत्र अधिकारियों को दे चुके हैं, लेकिन अब तक प्रकरण में प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है। बार-बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने को लेकर अब विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने पहली बार 10 सितंबर 2025 को जिला पूर्ति अधिकारी और बाल विकास परियोजना अधिकारी, मिठौरा को मामले से अवगत कराया था। इसके बाद विभिन्न स्तरों पर लगातार शिकायतें की गईं। उनका दावा किया है कि बाल विकास परियोजना कार्यालय से प्राप्त सूचना में आंगनबाड़ी केंद्रों को कोटेदार द्वारा राशन उपलब्ध नहीं कराए जाने की जानकारी मिली। वहीं, जिला पूर्ति कार्यालय से राशन वितरण से संबंधित अभिलेख मांगे जाने पर कोटेदार की ओर से रजिस्टर गायब होने की बात सामने आने का दावा किया गया है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि मामले को जिलाधिकारी के संज्ञान में भी लाया गया था। इसके बाद जिला पूर्ति कार्यालय की ओर से कोटेदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन शिकायतकर्ता के मुताबिक निर्धारित अवधि बीतने के बाद भी मामले में आगे की कार्रवाई नहीं हुई।
शिकायत के बावजूद दफ्तरों में दम तोड़ रही शिकायतें!
करीब 14 बार शिकायत किए जाने के दावे के बाद भी कार्रवाई न होने को लेकर शिकायतकर्ता ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि बार-बार शिकायत करने के बावजूद मामलों की जांच नहीं होगी तो आम व्यक्ति आखिर किससे न्याय की उम्मीद करेगा? शिकायतकर्ता ने यह भी सवाल उठाया है कि जब मामले में दस्तावेज और विभागीय सूचनाएं उपलब्ध कराई जा चुकी हैं तो संबंधित अधिकारी जांच आगे क्यों नहीं बढ़ा रहे हैं।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कोटेदार के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने के बजाय आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर बैकडेट में रजिस्टर तैयार करने का दबाव बनाया जा रहा है। आरोप है कि रजिस्टर तैयार नहीं करने पर निलंबन की चेतावनी तक दी जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
अब नोटरी शपथपत्र के साथ फिर डीएम के पास पहुंचा मामला
लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए शिकायतकर्ता ने अब एक बार फिर जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया है। इस बार शिकायत के साथ नोटरी शपथपत्र और पूर्व में प्राप्त सूचनाओं समेत अन्य दस्तावेज भी संलग्न किए गए हैं। शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने वाले अधिकारी, कर्मचारी अथवा कोटेदार के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, जिलाधिकारी स्तर से एक बार फिर मामले में जांच कर कार्रवाई का आश्वासन मिला है। अब सवाल यह है कि इस बार शिकायत पर वास्तव में जांच होती है या मामला एक बार फिर विभागीय फाइलों तक सीमित होकर रह जाता है।
फिलहाल सबकी नजर इस बात पर है कि करीब 14 शिकायतों के बाद अब प्रशासन इस प्रकरण में क्या कदम उठाता है और जांच के बाद जिम्मेदारी तय होती है या नहीं।
विभागीय अधिकारियों और संबंधित कोटेदार का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

